हँसी में वो बात मैं ने कह दी कि रह गए आप दंग हो कर छुपा हुआ था जो राज़ दिल में खुला वो चेहरे का रंग हो कर

“In mere jest I spoke that word which left you stunned and pale; the secret hidden in the heart was betrayed by the flush upon your face.”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

मैंने हँसी-मज़ाक में वह बात कह दी जिसे सुनकर आप हैरान रह गए, और जो राज़ दिल में छिपा हुआ था वह आपके चेहरे के बदलते रंग से ज़ाहिर हो गया।

विस्तार

इस शेर में एक बेहद नाज़ुक और शरारत भरा मंज़र है, जहाँ शायर मज़ाक-मज़ाक में वो बात छेड़ देता है जिसे महबूब दिल में छुपाए बैठा था। वह बात सुनकर महबूब हैरान रह जाता है और ज़ुबान से कुछ कहे बिना ही उसके चेहरे का बदलता रंग दिल का सारा भेद खोल देता है। यह शेर इस हक़ीक़त को बयां करता है कि चाहत चाहे जितनी छुपाई जाए, चेहरे के बदलते भाव और शर्म की लाली उसे बयां कर ही देती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.

1 / 15Next →