आते आते लब पर आह-ए-ना-रसा उल्टी फिरी वो भी मेरा ही दबाने को गला उल्टी फिरी

“Just as it reached my lips, my futile sigh turned back — it turned back only to choke my own throat.”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

मेरी बेअसर आह होंठों तक पहुँचते-पहुँचते वापस लौट आई, और वह भी सिर्फ़ मेरा ही गला घोंटने के लिए उल्टी मुड़ गई।

विस्तार

यह शेर दबे हुए दर्द और बेबसी की इंतहा को बेहद मार्मिक ढंग से बयां करता है। दिल से उठी आह होंठों तक तो पहुँची, लेकिन दुनिया में गूँजने के बजाय उल्टे पाँव लौट आई और खुद शायर का ही गला घोंटने लगी। जब इंसान का अपना दुख भी बाहर निकलने की राह न पा सके, तो वही अनकहा दर्द अंदर ही अंदर घुटकर जानलेवा बन जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.