ये जोश-ए-आशिक़ देखो कि अपनी क़त्ल की वक़्त — मोमिन ख़ाँ मोमिन
“Behold the lover's ardor—at the very hour of his slaughter, his lips were sealed in prayer, like one who works alone in solitude's effect.”
अर्थ
आशिक़ के जोश को देखो कि अपने क़त्ल के वक़्त भी उसके होंठ दुआ में सिले रहे, जैसे तन्हाई में किसी असर में डूबा हुआ हो।
विस्तार
देखिए आशिक़ का जोश! अपने ही क़त्ल के समय भी उसका दिल इतना भरा हुआ है कि उसकी आख़िरी दुआ जीवित और असरदार लगती है। मौत से डरने के बजाय आशिक़ उसे प्रेम और समर्पण के साथ स्वीकार करता है। उसका इश्क़ इतना गहरा है कि अंतिम घड़ी में भी, अकेले अपने अंत के सामने खड़े होकर, उसकी पुकार में एक शांत और गहरी शक्ति है। यह शेर ऐसे प्रेम की तारीफ़ करता है जो विनाश के सामने भी वफ़ादार और शांत रहता है, और मौत के पल को एक आशीर्वाद बना देता है।
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