सख़ावतकाही बहुत में में बख़ावन का — मोमिन ख़ाँ मोमिन
“Much generosity in showering gifts and praise I'd bring, If only there were not the picture of your wrath's dread sting.”
अर्थ
मैं बहुत दानशीलता और प्रशंसा के उपहार लाता, अगर तुम्हारे क्रोध का भयानक चित्र न होता।
विस्तार
यह शेर उदारता और देने की भावना पर खेलता है। कवि कहना चाहता है कि खुले हाथ से देने और दानशीलता की बातें तो बहुत होती हैं, पर इन दावों का कोई मोल नहीं अगर वे सच्चाई से मेल न खाएँ। कवि संकेत देता है कि जब तक तुम्हारा असली स्वभाव और तुम्हारे काम एक जैसे न हों, तब तक अपने बारे में बनाई हुई यह भव्य तस्वीर टिक नहीं पाएगी। सीधे शब्दों में, सच्ची उदारता शब्दों में नहीं, कर्मों में दिखती है। ये पंक्तियाँ कोमलता से याद दिलाती हैं कि दिखावा और दावे तब खोखले होते हैं, जब उनके पीछे सच्चा चरित्र न हो।
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