उन से पर्दा-पोश को देखे कोई — मोमिन ख़ाँ मोमिन

उन से पर्दा-पोश को देखे कोई मुझ को मेरी शर्म ने रुस्वा किया

“Behold the veil-concealer—let someone gaze on them; it was my own sense of shame that brought disgrace on me.”

— मोमिन ख़ाँ मोमिन

अर्थ

उन परदा करने वाले को कोई देखे; मुझे तो मेरी अपनी शर्म ने रुसवा कर दिया।

विस्तार

इस शेर में एक प्यारी-सी विडंबना है। शायर कहता है, देखो उस पर्दा-पोश को, जो इतनी नरमी से सब कुछ छिपा लेता है, हर बात को ढक लेता है। और फिर वह अपनी ओर मुड़कर स्वीकार करता है कि उसे तो उसकी अपनी शर्म ने ही रुसवा कर दिया। छिपे रहने की कोशिश में उसकी झिझक और शरमाना ही उसका राज़ खोल गया। तो जहाँ दूसरे चुपके से सब छिपा लेते हैं, वहीं शायर की अपनी शर्म ही उसका भेद दुनिया के सामने ले आई। इसमें एक कोमल-सी भावना है, कि गहरा एहसास कितना भी छिपाओ, छिप नहीं पाता।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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