मर गए उस के लब-ए-जाँ-बख़्श पर — मोमिन ख़ाँ मोमिन

मर गए उस के लब-ए-जाँ-बख़्श पर हम ने इलाज आप ही अपना किया

“I died upon those life-bestowing lips of hers— so I myself have wrought my own remedy at last.”

— मोमिन ख़ाँ मोमिन

अर्थ

उसके जीवनदायी होंठों पर मैं मर मिटा, और इस तरह मैंने अपना इलाज खुद ही कर लिया।

विस्तार

इस शेर में शायर एक प्यारी-सी विडंबना दिखाते हैं। उनकी महबूबा के होंठ इतने जीवनदायी हैं कि वे मरते हुए को भी जिला सकते हैं। फिर भी शायर कहते हैं कि वे उन्हीं जीवनदायी होंठों पर मर गए। यानी जब उन्होंने अपना इलाज खुद अपने हाथों में लिया, तो उसी कोशिश में उनकी जान चली गई। जो होंठ उन्हें बचा सकते थे, वही उनकी मौत की जगह बन गए। यहाँ एक हल्की-सी मुस्कान भी है और एक गहरा दर्द भी। कभी-कभी खुद को ठीक करने की हमारी अपनी कोशिश, हमारी अपनी चाहत ही हमें ख़त्म कर देती है। महबूब की नज़दीकी, जो जीवन देने वाली थी, वही आशिक़ को पूरी तरह मिटा देती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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