ओहदे से निकलें किस तरह आशिक़ — मीर तक़ी मीर

ओहदे से निकलें किस तरह आशिक़ एक अदा उस की है हज़ार-फ़रेब

“How should the lover emerge from this state, For her charm is a thousand deceits.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

शायर पूछता है कि वह किस तरह इस अवस्था से निकल सकता है, क्योंकि उसकी एक अदा में हज़ार तरह के छल छिपे हैं।

विस्तार

यह शेर आशिक़ की उस गहरी उलझन को बयान करता है, जहाँ उसे लगता है कि वो महबूब की अदा से बंधा हुआ है। शायर पूछते हैं, 'आशिक़ महबूब की हालत से कैसे निकल सकता है?' और जवाब है, 'क्योंकि उसकी एक अदा में ही हज़ार फ़रेब छिपे हैं।' यह बताता है कि प्यार की गिरफ्त कितनी गहरी होती है, कि एक मुस्कान, एक अदा... बस वो आपको रोक देती है।

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