राह रखते हैं उस के दाम से सैद — मीर तक़ी मीर
“His worth is held by the hand of fate's design, For him, there is no magic, no deceit, no guile.”
अर्थ
राह रखते हैं उस के दाम से सैद, है बला कोई वो शिकार-फ़रेब। (अर्थात, सैद व्यक्ति के मूल्य का निर्धारण नियति करती है; वह किसी जादू, अभिशाप, शिकार या धोखे का पात्र नहीं है।)
विस्तार
यह शेर रिश्तों की गहरी उलझन और धोखे की बात करता है। शायर कह रहे हैं कि किसी के साथ बहुत ज़्यादा लगाव रखना... या उस के 'दाम' (मूल्य) पर ध्यान देना... खतरनाक हो सकता है। वो जो प्यार का दिखावा करते हैं, वो अक्सर एक जाल होता है। हमें अपनी समझदारी से काम लेना चाहिए और हर रिश्ते में एक दूरी बनाए रखनी चाहिए, वरना यह फ़रेब हमें कहीं ले जा सकता है।
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