शब को नशे में बाहम थी गुफ़्तुगू-ए-दरहम — मीर तक़ी मीर
“The night was deep in intoxication with conversation of the heart, The intoxicated one merely swayed, meaning greatly inclined.”
अर्थ
रात नशे में दिल की बातें करने को मगन थी, पर उस मस्त ने बस झँकाया, यानी बहुत झुका दिया।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर ने एक नशीले और बेहद रोमांटिक माहौल में लिखा है। शायर कहते हैं कि रात के अँधेरे में, नशे की मस्ती में, दोनों के बीच इश्क़ की गहरी बातचीत चल रही थी। और फिर, वो मस्त शख़्स... उसने झुककर, नज़दीक आकर बात की। यह सिर्फ़ एक शारीरिक झुकाव नहीं है, बल्कि दो दिलों के बीच की वो रूहानी नज़दीकी है, जो नशा और मोहब्बत दोनों से महकती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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