चालें तमाम बे-ढब बातें फ़रेब हैं सब हासिल कि ऐ शुक्र लब अब वो नहीं रहा तू

“All these rambling, clumsy words are mere deception, Oh, how grateful I am that you are no longer mine.”

— मीर तक़ी मीर
अर्थ

ये सारी बेढब बातें और बातें फ़रेब हैं सब, शुक्र है ऐ लब कि अब वो नहीं रहा तू।

विस्तार

यह शेर जीवन की झूठी चमक और रिश्तों के टूटने पर बात करता है। शायर, मिर्ज़ा तक़ी मीर, कहते हैं कि जीवन के सारे दिखावे और मीठी बातें... सब फरेब हैं। वे कहते हैं कि अब उस शख़्स को पाना मुमकिन नहीं, जिसे हम याद करके जीना चाहते हैं। यह एक कड़वा सच है कि कुछ चीज़ों को स्वीकार करना पड़ता है और आगे बढ़ना पड़ता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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