कुछ देर ही लगी न दिल को तो तीर लगते — मीर तक़ी मीर
“Though the arrow seemed to strike the heart for only a moment, What did the beloved Sa'd-e-Naatvaan's heart yearn for, O Shitaab?”
अर्थ
दिल को तीर लगने का एहसास बस कुछ देर का था, लेकिन उस प्रिय 'सैद-ए-नातवाँ' के लिए मन में क्या चाहत जागी, ऐ शिताब।
विस्तार
यह शेर भावनात्मक घावों की गहराई को बयां करता है। शायर कहते हैं कि दिल को चोट पहुँचने में बस कुछ देर लगती है, मानो तीर लगना ही का नाम है। वह उस 'सैद-ए-नातवाँ' (प्रशंसा करने वाले उस्ताद) के उत्साह या मिजाज पर सवाल उठा रहे हैं। इसका मतलब है कि कभी-कभी सबसे ज़्यादा दर्द, उन लोगों से मिलता है जो अपनी बातों और तारीफों में माहिर होते हैं।
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