मेरे हुज़ूर शम्अ ने गिर्या जो सर किया — मीर तक़ी मीर
“My master, the lamp that wept tears of sorrow, I cried so much that it carried away my life.”
अर्थ
मेरे हुज़ूर शम्अ ने गिर्या जो सर किया, इसका अर्थ है कि मेरे मालिक (हुज़ूर) के सामने, उस दीपक (शम्अ) ने जो दुःख के आँसू बहाए, मैं इतना रोया कि उसने मेरा जीवन (आब) ले गया।
विस्तार
इस शेर में शायर ने एक बहुत ही खूबसूरत और गहरा एहसास बयान किया है। शम्अ (मोमबत्ती) का रोना, महबूब के दर्द का प्रतीक है। शायर कहते हैं कि जब शम्अ ने आँसू बहाए, तो मैं भी इतना रोया कि मेरे पास खुद के आँसू ही नहीं बचे। यह महज़ रोना नहीं है, बल्कि यह उस दर्द को साझा करने की इद्दत है, जो दिल में उमड़ आता है। एक अश्क में पूरी कायनात का दर्द समाया है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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