बस तबीब उठ जा मिरी बालीं से मत दे दर्द-ए-सर
काम याँ आख़िर हुआ अब फ़ाएदा तदबीर का
“Just get up, physician, do not give me this headache. Work, or finally, the planning has been useful.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
बस तबीब, उठ जा मेरी बालीं से मत दे दर्द-ए-सर। काम याँ आख़िर हुआ अब फ़ाएदा तदबीर का।
विस्तार
यह शेर एक गहरी सच्चाई बयान करता है कि जब कोई बड़ा काम या लक्ष्य पूरा हो जाता है, तो पहले की सारी योजनाएं, सारी तदबीरें बेकार हो जाती हैं। शायर यहाँ डॉक्टर से कह रहे हैं कि मेरे छोटे से दर्द (बालों का) मत देखना। क्योंकि असली काम तो हो चुका है.... अब ये जो आप फालतू की तैयारी कर रहे हैं, इसका कोई फ़ायदा नहीं!
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