जिस चमन-ज़ार का है तू गुल-ए-तर — मीर तक़ी मीर
“Whichever garden of yours is the bloom-filled garden, We too are the nightingales of this flower-garden.”
अर्थ
जिस चमन-ज़ार का है तू गुल-ए-तर बुलबुल, इस गुलसिताँ के हम भी हैं। (अर्थात: जिस बाग का तू सबसे सुंदर फूल है, इस फूलों के बाग में हम भी एक बुलबुल हैं।)
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरे रिश्ते को बयां करता है। शायर कहते हैं कि जिस तरह आप किसी माली के नगीने जैसे फूल हैं, वैसे ही हम भी इस बाग़ के बुलबुल हैं। इसका मतलब है कि हमारा अस्तित्व, आपका और मेरा, दोनों एक ही जगह से जुड़े हैं। यह सिर्फ़ मोहब्बत नहीं, बल्कि एक साझा होना है, एक अटूट रिश्ता है!
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