कहीं पैवंद हूँ यारब ज़मीं के — मीर तक़ी मीर

कहीं पैवंद हूँ यारब ज़मीं के फिरेंगे उस से यूँ कब तक जुदा हम

“O beloved, I am merely a speck of dust on the earth, How long shall we wander, separated from that source?”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

हे प्रिय, मैं तो धरती का एक कण मात्र हूँ; हम उस स्रोत से यूँ कब तक बिछड़े रहेंगे।

विस्तार

यह शेर जीवन के एक गहरे जुड़ाव को बयान करता है। शायर कहते हैं कि मैं तो ज़मीन का क़ैदी हूँ, या शायद इस दुनिया से मेरा इतना रिश्ता है कि... मैं यह पूछ रहा हूँ कि हम इससे कब तक दूर रहेंगे। यह सिर्फ़ दूरी नहीं है, यह तो वजूद से बिछड़ने का दर्द है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.