अबरू ही की जुम्बिश ने ये सुथराओ किए हैं — मीर तक़ी मीर
“The subtle moves of Abru have crafted these delicate things, No sword has struck them down, not even until now.”
अर्थ
अबरू की हल्की-फुल्की हरकतों ने ये नाज़ुक चीज़ें बनाई हैं, और आज तक उन पर किसी तलवार ने वार नहीं किया है।
विस्तार
यह शेर भावनात्मक दर्द की गहराई को बयां करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि मुझ पर जो घाव हैं, वो किसी तलवार के वार से नहीं लगे हैं। ये घाव तो महबूब की छोटी-छोटी 'जुम्बिश' या नज़ाकत से बने हैं। यह एक गहरा इल्ज़ाम है कि महबूब की साधारण सी हरकतें भी, किसी भी वार से ज़्यादा तकलीफदेह होती हैं। यह दर्द है, जो दिल को अंदर से तोड़ देता है।
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