किसे मंज़िल-ए-दिलकश-ए-दहर में — मीर तक़ी मीर
किसे मंज़िल-ए-दिलकश-ए-दहर में
नहीं मील ख़ातिर सफ़र की तरफ़
“In the captivating destination of this world's heart, / No one has found the path towards the journey.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इस दुनिया के मनमोहक गंतव्य में, किसी को भी सफ़र की ओर कोई रास्ता नहीं मिला।
विस्तार
यह शेर हमें जीवन का सबसे गहरा सच समझाता है। शायर कह रहे हैं कि इस दुनिया में कोई भी मंज़िल, कोई भी खूबसूरत पड़ाव, अपने आप में पूरा नहीं है। हर जगह, हर ख्वाहिश के पीछे एक सफ़र ज़रूर होता है। इसका मतलब है कि हमें हमेशा अपनी मंजिल पर पहुंचने की चिंता करने के बजाय, इस सफर को जीना चाहिए। यही जीवन की सबसे बड़ी कला है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
