फ़ुर्सत-ए-ऐश अपनी यूँ गुज़री — मीर तक़ी मीर

फ़ुर्सत-ए-ऐश अपनी यूँ गुज़री कि मुसीबत पड़ी तमन्ना पर

“The leisure of enjoyment passed by thus, That calamity fell upon desire.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

ऐशो-आराम का खाली समय यूँ बीता कि मुसीबत इच्छा पर आ पड़ी।

विस्तार

यह शेर जीवन की उस कड़वी सच्चाई को बयान करता है, जहाँ सुकून भी एक बोझ बन जाता है। शायर कहते हैं कि जब जीवन बहुत आसानी से, बहुत आरामदायक ढंग से गुज़रता है.... तो यह आराम ही एक मुसीबत बन जाता है। यानी, जब सब कुछ ठीक होता है, तब दिल को जो चाहत होती है, वो पूरी नहीं हो पाती। यह उस उदासी को दिखाता है जब इंसान को लगता है कि उसकी खुशी ही उसकी सबसे बड़ी परेशानी है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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