दिल-ए-पुर-ख़ूँ तो था गुलाबी शराब — मीर तक़ी मीर
“The heart, once full of intoxicating wine, was pink, Could not bear to live without its companion.”
अर्थ
दिल-ए-पुर-ख़ूँ का मतलब है ऐसा दिल जो शराब के नशे से भरा हुआ हो, और यह पंक्तियाँ कह रही हैं कि वह दिल अपने साथी के बिना नहीं रह सकता।
विस्तार
ये शेर दिल की उस अजीबोगरीब ज़िद को बयान करता है। शायर कहते हैं कि हमारा दिल, जो कभी गुलाबी शराब जैसा मीठा और मदहोश था, वो अपने वजूद को छोड़ ही नहीं सकता... चाहे हमारे लिए कोई दोस्त या साथ क्यों न हो। यह सिर्फ़ एक एहसास नहीं है, बल्कि एक गहरी पकड़ है। दिल की वफ़ादारी, कभी-कभी इतनी मज़बूत हो जाती है कि हमें अपनी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ भी रखती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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