मंज़ूर हो न पास हमारा तो हैफ़ है — मीर तक़ी मीर
मंज़ूर हो न पास हमारा तो हैफ़ है
आए हैं आज दूर से हम तुझ को ताड़ कर
“If our presence is not accepted, then we are departing now, For today we have come from afar, to find you.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अगर हमारी मौजूदगी स्वीकार न हो, तो हम अब जा रहे हैं। आज हम दूर से आपको ढूँढने आए हैं।
विस्तार
यह शेर इश्क़ के उस कड़वे सच को बयां करता है जब प्यार को इकरार नहीं मिलता। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि अगर आप हमें पास नहीं मानते, तो कोई बात नहीं। हम आज दूर से आकर आपको यह एहसास दिलाएंगे कि आप हमें कितना याद करेंगे! यह सिर्फ़ एक दर्द नहीं है, बल्कि अपनी मुहब्बत में इज़्ज़त बनाए रखने का एक शानदार तरीका है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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