करता हूँ मैं जो नाले सर-अंजाम बाग़ में — मीर तक़ी मीर
करता हूँ मैं जो नाले सर-अंजाम बाग़ में
मुँह देखो फिर करेंगे हम आवाज़ मेरे बा'द
“The deeds I do in the garden, from start to finish, Look, after I've gone, we will call out my name again.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मैं जो कार्य नाले से लेकर अंजाम तक बाग़ में करता हूँ, देख, फिर मैं चला गया तो मेरे बाद आवाज़ करेंगे।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ एक सफ़र की बात नहीं करता, यह तो आत्म-सम्मान की कहानी है। शायर कह रहे हैं कि ज़िंदगी का रास्ता चाहे कितना भी मुश्किल या अनजाना क्यों न हो, हम अपनी मंज़िल तक पहुँचेंगे। और दूसरी लाइन एक चुनौती है! बस मेरी नज़रों पर पर्दा डालिए.... क्योंकि मेरा जाना भी एक आवाज़ बनेगा, एक असर छोड़ेगा!
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
