कसो की बात ने आगे मिरे न पाया रंग — मीर तक़ी मीर

कसो की बात ने आगे मिरे न पाया रंग दिलों में नक़्श है मेरी सुख़न-तराज़ी का

“What matter can the words that passed me, I could not find their color; In hearts, the imprint remains of my delightful verses.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

जो बात मैंने कही, उसका कोई रंग आगे नहीं मिला; मेरे सुखद छंदों का नक़्श दिलों पर है।

विस्तार

इस शेर में शायर एक बहुत गहरा दावा कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि मेरे जो शब्द आज बोले गए, उनका कोई असर नहीं हुआ। लेकिन... मेरी असली कला, मेरी शायरी का नक़्श, वह तो लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बस चुका है। यह उस कलाकार का आत्मविश्वास है, जिसका जादू सिर्फ़ बातों से नहीं, बल्कि रूह से होता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.