बताओ हम से कोई आन तुम से क्या बिगड़ी — मीर तक़ी मीर

बताओ हम से कोई आन तुम से क्या बिगड़ी नहीं है तुम को सलीक़ा ज़माना-साज़ी का

“Tell us, what misfortune has happened to you, or what is wrong with you? You do not possess the finesse of the world.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

बताओ हमें कोई बात, तुम से क्या बिगड़ी है? तुम को दुनियादारी का सलीक़ा नहीं है।

विस्तार

यह शेर एक बहुत ही गहरी तन्हाई और सवालिया लहजा लिए हुए है। शायर यहाँ अपने महबूब से पूछ रहे हैं कि आखिर आप में क्या बदल गया है, क्या बात बिगड़ गई है? 'सलीक़ा' का मतलब है दुनियादारी का नज़ाकत, वो कला जो इंसान को दुनिया में जीना सिखाती है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कह रहे हैं कि आपमें वो सहजता, वो समझदारी नहीं बची है जो पहले थी।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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