यादश-ब-ख़ैर दश्त में मानिंद-ए-अंकबूत
दामन के अपने तार जो ख़ारों पे तन गया
“Like a spider in the barren desert, falling onto its own web of silk upon the thorns,”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यादश-ब-ख़ैर दश्त में मानिंद-ए-अंकबूत, जैसे एक मकड़ी रेगिस्तान में अपने ही रेशमी जाले पर बिछ जाती है, और वह जाला काँटों पर गिर जाता है।
विस्तार
यह शेर एक बहुत ही गहरा और उदास नज़ारा पेश करता है। शायर ने एक मकड़ी के जाले का ज़िक्र किया है, जो कि बेहद नाज़ुक होता है, लेकिन उसे काँटों पर फैलाया गया है। यह सिर्फ एक जाला नहीं है, बल्कि किसी रिश्ते, किसी ख्वाब, या किसी कला का प्रतीक है। इसका मतलब है कि जब हमारी शुरुआत ही किसी दर्द या मुश्किल से होती है, तो उस चीज़ का टूटना तय होता है। क्या आप समझते हैं इस fragility को?
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
