बर्क़ मत ख़ोशे की और अपनी बयाँ कर सोहबत — मीर तक़ी मीर
“Do not speak of the joy of others, but express your own companionship; be thankful that my heart, which is burning, has not happened.”
अर्थ
दूसरों की खुशी के बारे में बात मत करो, बल्कि अपनी संगत व्यक्त करो; शुक्र कर कि मेरा जलता हुआ दिल नहीं हुआ।
विस्तार
यह शेर हमें एक बहुत गहरी बात सिखाता है—कि हमें दूसरों की तारीफों या शिकायतें करने के बजाय, अपनी बात कहनी चाहिए। शायर कहते हैं कि शुक्र मनाओ कि मेरा दिल अभी तक जलकर तपा नहीं है। यह बस एक सादगी भरा इशारा है कि रिश्ते में ईमानदारी सबसे ज़रूरी है, और हमें अपनी भावनाओं को छुपाना नहीं चाहिए।
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