पड़ता न था भरोसा अहद-ए-वٖफ़ा-ए-गुल पर
मुर्ग़-ए-चमन न समझा मैं तो हज़ार रोया
“I did not trust in the promise of loyalty, oh, the garden's little bird; I wept a thousand times.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरा कभी भी विश्वास गुलाब की वफादारी के वादे पर नहीं हुआ; हे बाग के छोटे पक्षी, मैं तो हज़ार बार रोया।
विस्तार
यह शेर टूटे हुए भरोसे और धोखे की बात करता है। शायर कहते हैं कि उन्हें कभी वफ़ा के वादे पर भरोसा नहीं था, खासकर महबूब के वादे पर। फिर भी, वो एक छोटे से चमन के मुर्ग़ पर हज़ार आँसू बहाते हैं! इसका मतलब है कि छोटी सी निराशा या धोखे से जो दर्द होता है, वो किसी बड़े नुकसान से कम नहीं होता।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
