दाँतों की नज़्म उस के हँसने में जिन ने देखी — मीर तक़ी मीर
“The verses of teeth that I saw in her smile, They never tasted the pearl necklace, though they tried.”
अर्थ
उसके हँसने में दाँतों की नज़्म जिन ने देखी, फिर मोतियों की लड़ पर उन ने कभू न थूका। (अर्थ: किसी ने उसके हँसने में दाँतों की जो नज़्म देखी, वह कभी मोतियों की लड़ पर भी नहीं थूकी।)
विस्तार
यह शेर नज़्म और तहज़ीब के मेल को बयां करता है। शायर कहते हैं कि उनकी हँसी में जो नज़्म है, वह कितनी प्यारी है, जैसे दाँतों की कोई मीठी धुन। लेकिन इसके साथ ही एक बात कही है—कि वो इतनी सलीकेदार हैं कि मोतियों की लड़ पर भी कभी थूकी नहीं। यह सिर्फ़ हँसी की बात नहीं है, यह उनके अंदर की इज़्ज़त और क़दर की बात है।
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