ख़याल उस बेवफ़ा का हम-नशीं इतना नहीं अच्छा
गुमाँ रखते थे हम भी ये कि हम से आश्ना होगा
“The memory of that faithless one is not so delightful, We also thought that they would be friendly to us.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
उस बेवफ़ा की याद हम-नशीं नहीं है, पर हम भी सोचते थे कि वह हमसे आत्मीय होगा।
विस्तार
यह शेर उस कड़वे सच को बयां करता है जब उम्मीदें टूट जाती हैं। शायर कहते हैं कि बेवफ़ा का ख़याल भी अब अच्छा नहीं लगता। असली दर्द तो इस बात का है कि हम खुद को बहुत ज़्यादा भोला समझते थे। हमें यह गुमाँ था कि शायद ये बेवफ़ा हमें कभी समझ जाएगा, हमें अपना मान लेगा। यह सिर्फ़ मोहब्बत का नहीं, बल्कि खुद से किए गए वादे टूटने का दर्द है।
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