दुकानें हुस्न की आगे तिरे तख़्ता हुई होंगी — मीर तक़ी मीर

दुकानें हुस्न की आगे तिरे तख़्ता हुई होंगी जो तू बाज़ार में होगा तो यूसुफ़ कब बिका होगा

“The shops of beauty must have been before you, your stand was sold; if you were in the marketplace, when would Joseph have been sold?”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

हुस्न की दुकानें तुम्हारे आगे भी होंगी, और तुम्हारा तख़्ता बिक गया; यदि तुम बाज़ार में होते, तो यूसुफ़ कब बिका होता।

विस्तार

यह शेर उस महबूब के हुस्न और वजूद की पराकाष्ठा को बयां करता है। शायर कहते हैं कि जब कोई इतना खूबसूरत और प्रभावशाली होता है, तो दुनिया की सारी रौनकें, सारी दुकानें.... फीकी पड़ जाती हैं। यूसुफ़ का उदाहरण देकर वो समझाते हैं कि अगर महबूब बाज़ार में हो, तो कोई भी इतना मोहक क्यों होगा कि यूसुफ़ को बेचना भी भूल जाए।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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