न होगा वो देखा जिसे कब्क तू ने — मीर तक़ी मीर

न होगा वो देखा जिसे कब्क तू ने वो इक बाग़ का सर्व-अंदाम होगा

“The one you have captured will not be seen; that entire garden will be merely a memory.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

जिसको तूने क़ब्ज़ किया, वह दिखाई नहीं देगा; वह तो बस एक बाग़ का संपूर्ण स्वरूप रहेगा।

विस्तार

यह शेर याद दिलाता है कि दुनिया में सब कुछ कितना क्षणभंगुर है। शायर कहते हैं कि जो चीज़ आपने देखी, वह सिर्फ एक झलक है। असली, सम्पूर्ण अनुभव तो एक पूरे बाग़ जैसा है। यह बात बताती है कि ज़िंदगी की खूबसूरती भी कितनी बड़ी और कभी न मिलने वाली होती है, बस एक याद बनकर रह जाती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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