Sukhan AI
कब कब तुम ने सच नहीं मानीं झूटी बातें ग़ैरों की तुम हम को यूँ ही जलाए गए वे तुम को वो हैं लगाए गए

When, when did you not accept the false words of strangers,

मीर तक़ी मीर
अर्थ

जब-जब तुमने ग़ैरों की झूठी बातें सच नहीं मानीं, और जब-जब हम को यूँ ही जलाए गए, और जब-जब तुम को वो हैं लगाए गए।

विस्तार

यह शेर उस गहरे दर्द को बयां करता है जब आप किसी के प्यार में होते हैं, लेकिन वो आपको कभी सच नहीं मानते। शायर कहते हैं कि आपने अपनी वफादारी साबित की, पर आप पर ग़ैरों की बातें मानी गईं। आप को लगा कि आप जल गए हैं, जबकि ये सब बातें सिर्फ़ उनके लिए थीं, आपके लिए नहीं। यह अविश्वास का दर्द है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.