जी में था अर्श पे जा बाँधिए तकिया लेकिन — मीर तक़ी मीर
“In the heavens, you would bind a pillow to the throne, but We have spread the bed in the dust now.”
अर्थ
हे भगवान, आप स्वर्ग में सिंहासन पर तकिया बाँधते होंगे, लेकिन हमने तो अब बिस्तर धूल में बिछा दिया है।
विस्तार
यह शेर रिश्तों की उस कड़वी सच्चाई को बयां करता है, जब वक़्त के साथ चीज़ों की क़ीमत बदल जाती है। शायर कहते हैं कि पहले तो सब कुछ 'अर्श' पर सजाया जाता था, मतलब बहुत ऊँचा दर्जा था। लेकिन अब? अब तो बिस्तरा ख़ाक में बिछ गया है। यह बदलाव सिर्फ़ जगह का नहीं, बल्कि एहसास का है—याद दिलाता है कि हर ऊँचाई का अंत एक सादगी भरे ज़मीन पर होना ही होता है।
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