चश्म-ए-कम से देख मत क़ुमरी तो उस ख़ुश-क़द को टक
आह भी सर्द गुलिस्ताँ शिकस्त-ए-रंग है
“Do not look at the moon with diminished sight; to that lovely figure, even a glance is a defeat of color in the garden.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
कमजोर नज़र से चाँद को मत देखना; उस खूबसूरत आकृति को देखना भी बाग में रंग की हार है।
विस्तार
यह शेर दिल की उदासी और टूटे हुए एहसास को बहुत खूबसूरती से बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि अगर आपके देखने का नज़रिया ही कमज़ोर है, तो आप न चाँद की सुंदरता देख पाएँगे और न ही किसी खूबसूरत शख़्स को। और सबसे गहरा दर्द तो यह है कि.... आपके हर आह में भी एक ख़ूबसूरत गुलशन का रंग फीका पड़ जाता है। यह ग़म की गहराई है!
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