रू-ओ-ख़ाल-ओ-ज़ुल्फ़ ही हैं सुंबुल-ओ-सब्ज़ा-ओ-गुल
आँखें हूँ तो ये चमन आईना-ए-नैरंग है
“The hair, the locks, the tresses, are like the date palm, the greenery, and the flower; My eyes, alas, are a garden, a mirror of vibrant hues.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
रू-ओ-ख़ाल-ओ-ज़ुल्फ़ का अर्थ है कि बाल, केश और ज़ुल्फ़ें खजूर के पेड़, हरियाली और फूल के समान हैं; और मेरी आँखें एक बाग हैं, जो रंगीन आईने जैसी हैं।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ तारीफ़ नहीं है, यह तो प्रकृति का एक नज़ारा है। शायर ने महबूब की ख़ूबसूरती का वर्णन किया है, जैसे चेहरे और ज़ुल्फ़ें खजूर, हरियाली और फूलों जैसी ताज़गी से भरी हों। और दूसरी लाइन में, शायर कहते हैं कि अगर आँखें ही मौजूद हों, तो यह पूरा बाग़ एक रंगीन आईना बन जाए! यह नज़ारा कितना जादुई है।
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