पत्थर से तोड़ने के क़ाबिल है आरसी तू
पर क्या करें कि प्यारे मुँह तेरा दरमियाँ है
“You are worthy of being broken by stone, But what can we do, dear, your face is in the middle.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
पत्थर से टूटने के लायक हो शीशा तू, पर क्या करें कि प्यारे, तेरा मुखड़ा बीच में है।
विस्तार
यह शेर एक गहरी विडंबना प्रस्तुत करता है। शायर कहते हैं कि तुम (प्रियतम) पत्थर से टूटने लायक शीशा हो, यानी तुम इतने नाज़ुक हो कि जरा सी चोट भी तुम्हें बिखेर सकती है। फिर भी, क्या किया जाए? तुम्हारा चेहरा तो मेरे बीचों-बीच है। यह पंक्तियाँ बताती हैं कि प्रिय की सुंदरता और उपस्थिति इतनी सर्वव्यापी है कि उसके टूटने का ख़तरा भी सहा नहीं जा सकता।
