ख़ूँ-रेज़ी में हम सों की जो ख़ाक बराबर हैं — मीर तक़ी मीर
“In the dust of the blood-soaked earth, how much are we to you? When will you bring forth the courage that is my dear sister?”
अर्थ
ख़ूँ-रेज़ी में हम सों की जो ख़ाक बराबर हैं, कब सर तो फ़रो लाया हिम्मत तिरी आली है। इसका अर्थ है कि रक्त-रंजित धरती में हम लोग तुम्हारे लिए धूल के समान हैं; हे प्यारी बहन, तुम कब वह साहस लेकर आओगी।
विस्तार
यह शेर एक जबरदस्त चुनौती है! शायर कह रहे हैं कि जीवन के इस 'खून-रेज़ी' (खून से सने) अखाड़े में, हमारी हैसियत तो आपकी धूल के बराबर है। और फिर पूछते हैं, कब मिली आपको हिम्मत... कि आप अपना सिर उठाकर हमारा सामना कर सकें? यह न केवल ताकत का, बल्कि आत्म-सम्मान का भी बेहतरीन इज़हार है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
