कहेंगे कहो तुम्हें लोग क्या यही आरसी यही तुम सदा
न कसो की तुम को है टक हया न हमारे मुँह से हिजाब है
“People will say, what are you? This ARC? This is all you are forever? Don't worry, for I have no restraint, and the veil is not from my mouth.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
लोग कहेंगे कि तुम क्या हो, यही आरसी, यही तुम सदा। न कसो कि तुम को है टक हया, न हमारे मुँह से हिजाब है।
विस्तार
यह शेर समाज के तानों और व्यक्तिगत आत्म-सम्मान के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि लोगों की बातों से हमें कोई फ़र्क नहीं पड़ना चाहिए। वह अपने महबूब से कहते हैं कि तेरा यह रूप, यह आईना, और तेरा साथ हमेशा रहेगा। आख़िरी पंक्ति एक गहरा भरोसा दिलाती है—कि न तेरा लिहाज़ (इज्ज़त) कम होगा, और न ही मेरे लबों से हिजाब का फ़र्क पड़ेगा।
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