गिर्ये को मिरे देख टुक इक शहर के बाहर — मीर तक़ी मीर

गिर्ये को मिरे देख टुक इक शहर के बाहर इक सत्ह है पानी का जहाँ तक कि नज़र जाए

“O, see my appearance, near the city's edge, A stretch of water visible as far as the eye can see.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

गिर्ये को मिरे देख टुक इक शहर के बाहर, जहाँ तक नज़र जाए, पानी का इक साथ है।

विस्तार

यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर की गहरी सोच को बयां करता है। शायर कहते हैं कि भले ही आपका दुख कितना भी गहरा क्यों न हो, जीवन की विशालता आपको यह एहसास दिलाती है। पानी की अनंत लहरें हमें सिखाती हैं कि हर दर्द का एक समाप्ती बिंदु होता है। यह शेर निराशा में भी उम्मीद और जीवन की व्यापकता को देखने का एक नज़रिया है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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