बुर्क़ा को उठा देना पर आधे ही चेहरे से — मीर तक़ी मीर
“Even if the burqa is lifted, with just half a face, What is there to hide, or even to show a little sparkle?”
अर्थ
बुर्का हटाने पर भी, आधे चेहरे से क्या छुपाना या क्या चमक दिखाना बाकी है।
विस्तार
यह शेर बताता है कि जब कोई चीज़ या खूबसूरती थोड़ी सी भी खुल जाती है, तो उसे छुपाना या दिखाने की कोशिश करना बेमानी हो जाता है। शायर कहते हैं कि अगर बुर्का आधे ही चेहरे से हट जाए.... तो क्या फायदा मुँह छुपाने का? क्योंकि एक झलक ही काफी होती है, एक आकर्षण ही काफी होता है! यह उस खूबसूरती के जादू को बयान करता है जो आधे पर्दे के पीछे भी महसूस होती है।
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