ख़ूबाँ बुरे होते हैं अगरचे हैं नकोरो — मीर तक़ी मीर
“They are very bad, even if they are not criminal, Yet they should not be made guilty of anything.”
अर्थ
ये बहुत बुरे होते हैं, भले ही ये अपराधी न हों, फिर भी इन्हें किसी चीज़ का दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ इश्क़ की बात नहीं करता, बल्कि ज़िंदगी के सबसे बड़े फ़लसफ़े को बयान करता है। मिर्ज़ा शायर हमें याद दिलाते हैं कि सबसे बुरा क्या होता है? जब हम किसी बेज़ुर्म इंसान को गुनहगार मान बैठते हैं। यह शेर एक बहुत गहरी चेतावनी है कि किसी को भी बिना वजह दोषी ठहराना कितना खतरनाक हो सकता है। यह हमें न्याय और इंसानियत की राह पर चलने की सीख देता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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