सद नाला-ए-जान-काह हैं वाबस्ता चमन से — मीर तक़ी मीर
“The channel of my life is connected to the garden; let no single hair be plucked from behind the wall.”
अर्थ
मेरे जीवन की नली एक बाग़ से जुड़ी हुई है; कहीं दीवार के पीछे कोई बाल न उखड़ा दे।
विस्तार
यह शेर एक बहुत ही नाज़ुक एहसास को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि जीवन का जो ग़म है, वो इस खूबसूरत चमन से जुड़ा हुआ है। उन्हें इस ग़म की फिक्र है, और वो दुआ कर रहे हैं कि इस ग़म को कोई छोटा-मोटा नुक़सान न पहुँचे। 'कोई बाल शिकस्ता' का मतलब है कि यह दर्द इतना नाज़ुक है कि बस एक छोटी सी आहट भी इसे तोड़ सकती है। यह अपने गहरे अहसास को बचाने की इल्तिजा है।
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