शर्त सलीक़ा है हर इक अमर में — मीर तक़ी मीर
“The grace of commitment lies within every immortal soul, One must possess the skill to even make a mistake.”
अर्थ
हर अमर व्यक्ति में एक प्रकार की संजीदगी या कला निहित होती है; गलती करने की क्षमता रखना भी एक कौशल है।
विस्तार
यह शेर हमें कला और इंसानियत की एक बहुत गहरी बात सिखाता है। शायर कहते हैं कि सिर्फ़ perfect होना ही हुनर नहीं है। असली हुनर तो यह है कि आप गलती कैसे करते हैं! किस अंदाज़ में अपनी कमी को पेश करते हैं। यह शेर सिखाता है कि कभी-कभी हमारी कमज़ोरियाँ भी, अगर उन्हें सही नज़ाकत से दिखाया जाए, तो वो कला का एक हिस्सा बन जाती हैं। यह एक बहुत ही गहरा फ़लसफ़ा है।
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