निगाह-ए-चश्म पुर-ख़श्म-ए-बुताँ पर मत नज़र रखना
मिला है ज़हर ऐ दिल इस शराब-ए-पुरतगाली में
“Do not fix your gaze upon the eye-brows of the desert, / For the heart's poison is mixed in this wine of intoxicating charm.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शायर कह रहे हैं कि रेगिस्तान की कश्मीरी भौंहों को घूरना मत, क्योंकि दिल का ज़हर इस मदहोश करने वाली शराब में मिल गया है।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर का एक गहरा एहसास है। शायर कहते हैं कि महबूब की निगाहें कितनी भी खूबसूरत क्यों न हों, उनसे दूर रहना चाहिए। असली खतरा... शराब में है। यहाँ शराब सिर्फ़ नशे का प्रतीक नहीं है, यह इश्क़ के उस जुनून का प्रतीक है, जिसमें डूब जाना मौत जैसा है। यह एक चेतावनी है!
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