मिरे उस्ताद को फ़िरदौस-ए-आ'ला में मिले जागा
पढ़ाया कुछ न ग़ैर-अज़-इश्क़ मुझ को ख़ुर्द-साली में
“My master, may he meet in the highest paradise, / He taught me nothing other than love in my youth.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे उस्ताद को फ़िरदौस-ए-आ'ला में मिले जागा, उन्होंने मुझे बचपन में इश्क़ के सिवा कुछ नहीं पढ़ाया।
विस्तार
यह शेर आशिक़ के सफ़र का सार है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कह रहे हैं कि उन्हें कोई भी ज्ञान किसी किताब या महफ़िल से नहीं मिला। उनका उस्ताद.... उनका असली गुरु तो सिर्फ़ इश्क़ है! शायर कहते हैं कि ज़िंदगी की हर बड़ी सीख, हर फ़लसफ़ा.... बस इश्क़ की गहराई में छिपा है।
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