बुरा कहना भी मेरा ख़ुश न आया उस को तो वर्ना
तसल्ली ये दिल-ए-नाशाद होता एक गाली में
“Even bad words did not bring happiness to him, unless this cheerful heart finds solace in a single insult.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
उसे मेरा बुरा कहना भी अच्छा नहीं लगा, वरना यह खुशदिल दिल एक गाल में तसल्ली पाता।
विस्तार
यह शेर उस दिल की हालत बयां करता है, जो प्यार में बहुत थक चुका है। शायर कह रहे हैं कि मैंने अपनी तरफ से कोई कड़वा सच बोला, कोई ज़हर घोल दिया.... लेकिन उस शख़्स को तो कोई तसल्ली ही नहीं हुई। ऐसा लगता है जैसे दर्द देने की कोशिश भी बेकार हो गई है! यह मोहब्बत की उस मजबूरी को दिखाता है, जहाँ वजूद ही एक खालीपन बन जाता है।
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