तू सच कह रंग पाँ है ये कि ख़ून इश्क़-बाज़ाँ है
सुख़न रखते हैं कितने शख़्स तेरे लब की लाली में
“Is it true, O beloved, that the blood is an instrument of love? How many people keep their words within the redness of your lips.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
क्या तू सच कह रहा है कि खून इश्क़ का वाद्य है? कितने लोग तेरे होंठों की लालिमा में बातें छिपाए रखते हैं।
विस्तार
यह शेर मोहब्बत की उस उलझन को बयां करता है, जहाँ सच भी मीठा और दर्द भी गहरा होता है। शायर कह रहे हैं कि आप जो भी सच बोलती हैं, उसमें इश्क़ का रंग चढ़ा हुआ है। और देखिए, ये सवाल करना कि कितने लोग आपके होंठों की लाली में अपने ख़ूबसूरत अल्फ़ाज़ छुपाते हैं... यह महबूब की अदा और आशिक़ की तड़प का संगम है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
