मैं वो पज़मुर्दा सब्ज़ा हूँ कि हो कर ख़ाक से सरज़द
यकायक आ गया उस आसमाँ की पाएमाली में
“I am that tender sapling, emerging from dust, / Suddenly arrived in the dew-kissed expanse of the sky.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मैं वह कोमल पौधा हूँ जो धूल से उत्पन्न हुआ है, / और अचानक आसमान की ओस से भरी चमक में आ गया।
विस्तार
यह शेर जीवन के चक्र और पुनर्जन्म का अद्भुत उदाहरण है। शायर खुद को एक 'मृत अंकुर' कहते हैं, जो मिट्टी में मिल जाने के बाद भी ज़िंदा हो गया। यह टूटने के बाद फिर से उठने की हिम्मत को दिखाता है। और फिर, अचानक आसमान की कोमलता में आ जाना... यह उस ऊंचाई और सुंदरता को दर्शाता है जो संघर्ष के बाद मिलती है।
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