कहूँ कब तक दम आँखों में है मेरी
नज़र आवे ही-गा अब कोई दम में
“Tell me, how long does my eyes possess life's breath, For now, in my gaze, no passion can find its way.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे नयनों में अब कितना जीवन शेष है, यह बताओ; क्योंकि मेरी दृष्टि में अब कोई उत्साह या प्रेम नहीं बचा है।
विस्तार
यह शेर एक आशिक़ की नज़रों की मजबूरी को बयां करता है। शायर कहते हैं कि उनकी आँखों में अब कितना दम बचा है.... क्योंकि वे जानते हैं कि चाहे वह कहीं भी देखें, उनकी नज़र का मिलना महबूब से तय है। यह इकरार है कि मोहब्बत से बचना, अब नामुमकिन है।
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