न इक याक़ूब रोया इस अलम में
कुआँ अंधा हुआ यूसुफ़ के ग़म में
“Not one Yaqoob wept in this world, The well grew blind in the sorrow of Yusuf.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
न एक याक़ूब ने इस आलम में रोया, कुआँ यूसुफ़ के ग़म में अंधा हुआ।
विस्तार
यह शेर ग़म की उस गहराई को बयां करता है, जो केवल इंसान के आँसुओं तक सीमित नहीं होती। शायर कहते हैं कि यूसुफ़ का ग़म इतना गहरा था कि न सिर्फ़ वह रोए, बल्कि प्रकृति पर भी उसका असर हुआ। कुआँ, जो जीवन का प्रतीक है, उस ग़म के आगे अंधा हो गया। यह उस दर्द को दिखाता है जो इतना विशाल हो कि वह आस-पास के माहौल को भी निगल जाए।
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