दया आशिक़ ने जी तो ऐब क्या है
यही 'मीर' इक हुनर होता है हम में
“If the lover lives with grace, what is the flaw? This 'Mir' possesses a unique skill within us.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
दया आशिक़ ने जी तो ऐब क्या है। यह 'मीर' इक हुनर होता है हम में।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि इश्क़ के एहसास को बयां करता है। शायर कहते हैं कि आशिक़ होना, प्यार में जीना, कोई कमी नहीं है। बल्कि, यह भावना... यह दिल की गहराई में उतरना... यह हमारे अंदर का एक हुनर है! यह बताना कि प्रेम करना एक गुनाह नहीं, बल्कि एक कला है। यह अहसास बहुत ही गहरा है।
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